सोमवार, 19 सितंबर 2016

बच्चों का सही पालन-पोषण

बच्चों का सही पालन-पोषण

बच्चे के जन्म लेने से बच्चे के तीन महीने तक होने तक- बच्चे के जन्म लेने के बाद जितनी जल्दी हो सके बच्चे को मां का दूध पिलाना चाहिए। बच्चे को मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) पीने से जीवन जीने की शक्ति मिलती है और मां के दूध में पाये जाने वाले तत्त्व पौष्टिकता देने के साथ-साथ बच्चे को कई रोगों और रोग को फैलने से बचाते हैं। बच्चे को पहले दिन से ही दो-तीन घंटे के बाद ही दूध पिला देना चाहिए। जब बच्चा रोने लगे तब उसको मां का दूध पिलाना सबसे अच्छा आहार है। तीन महीने तक के बच्चे को जब तक वह मां का दूध पीता है, उस समय बच्चे को पानी पीने की जरूरत नहीं पड़ती है। मां का दूध ही बच्चे के पूरे भोजन का काम करता है। फिर भी उस समय पानी पिलाने में कोई नुकसान नहीं है। शुरुआत में दो-तीन महीने बच्चा दूध पीकर अगर उल्टी कर देता है तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। जब तक बच्चा मां का दूध पीता है तब तक दूध को हजम करने के लिए बच्चे को किसी घुट्टी या प्राइपवाटर की जरूरत नहीं है। जब तक बच्चा मां का दूध पीए, तब तक मां को चाहिए कि वह खाना खाने के बाद पानी न पीए, बल्कि बच्चे को दूध पिलाने से 15 मिनट पहले थोड़ा सा पानी पी लें, इसके बाद ही बच्चे को स्तनपान (अपना दूध पिलायें) करायें। ऐसा करने से बच्चे को उल्टी-दस्त नहीं होते हैं। मां को सदा खुश होकर और हर दो से तीन घंटे के अंतर पर बच्चे को दूध पिलाना चाहिए। गुस्से या दिमागी परेशानी में बच्चे को स्तनपान नहीं कराना चाहिए। नहाने के बाद या सिर धोने के तुरंत बाद भी दूध नहीं पिलाना चाहिए। दूध पिलाने के बाद बच्चे को अपने कंधे से लगाकर गोद में लें और धीरे-धीरे उसकी पीठ पर थपकी दें। इससे बच्चे के पेट की हवा डकार के रूप में बाहर निकल जायेगी और बच्चा अपने आपको हल्का महसूस करेगा और अपच (भोजन न पचना) से भी बचा रहेगा। बच्चे को नौवें महीने तक मां अपना दूध पिला सकती है। कमजोर बच्चों को मां का दूध एक साल तक पिलाया जा सकता है।


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क्या आप इन दर्दो से परेशान हैं.?
Are you suffering from Pain..?
1.     चिकनगुनियां से उतपन्न दर्द
2.     जोड़ो का दर्द JOINT PAIN
3.     हड्डियों का दर्द BONE PAIN
4.     कमर का दर्द BACK ACHE
5.     शरीर में दर्द BODY ACH
6.     सर्वाइकल CERVICAL
7.     कन्धे का दर्द SHOULDER PAIN
8.     अकड़न STIFFNESS
9.     बाजू का दर्द PAIN IN HANDS
10. पीठ का दर्द WAIST PAIN
11. रीढ़ की हड्डी का दर्द PAIN IN SPINAL CHORD
12. कूल्हे व् जांघ का दर्द HIP & THIGH PAIN
13. नसों का दर्द
14. NERVE OR NEUROLOGICAL PAIN
15. टांगों का दर्द LEG PAIN
16. पिंडलियों का दर्द CALF PAIN
17. पांव एड़ी का दर्द FEET & TOES PAIN
18. नसों की अकड़न NEURO STIFFNESS
19. मांसपेशियों का दर्द MUSCULAR PAIN
20. माइग्रेन MIGRAINE
21. कैसी भी थकान एवम् कमजोरी
22. ANY KIND OF TIREDNESS & WEAKNESS
23. सर्वाइकल CERVICAL

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परहेज
1- दूध, दही, पनीर, घी, मक्खन व कोई भी डेयरी उत्पाद।
2- कोई भी तेल, घी, रिफाइन्ड के बने हुऐ आहार।
3- कोई भी विस्कुट, साँस, जैम, ब्रेड व डिब्बा बन्द भोजन।
4- मीट, मछली, अँडा सहित कोई भी जन्तु व जानवर उत्पाद।
5- सभी प्रकार के फूड सप्लीमेन्ट, पाउडर, केप्सूल, टैबलेट, डिब्बा बन्द आहार।
6- फास्ट फूड, जंक फूड, चाईनिज फूड, बेकरी फूड, आदि बन्द करने हैं।
7- सभी मधपेय (शराब, रम, बियर, विस्की, कोल्डडिंक, डिब्बे वाले जूस ।
8- चीनी से बने सभी उत्पाद।
सामान्य सुझाव
1 - रोगी को भोजन धीरे धीरे खाना चाहिए। खाने मे जो समय लगाते हो उससे 3-4 गुना ज्यादा    समय लगाना चाहिए। कम से कम 30 मिनट का समय लगना चाहिए। तथा प्रतिदिन एक      ही समय पर भोजन करना हैं। समय 15 मिनट से ज्यादा आगे पिछे न हो।
2 -  30 से 60 मिनट तक उगते सूर्य की धूप मे कम कपड़े पहनकर बैठे या वाँक करें। एवं 30     मिनट जागिंग, व्यायाम, योग, प्राणायाम, करें या कोई गेम्स (बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, या     तैरना) जरूर आदि करें।
 3 - रात का खाना 9 बजे तक खाना हैं। फल व सब्जियां मौसम के अनुसार बदल सकते हैं।       मात्रा आपकी  क्षमता पर निर्भर करती हैं। पेट को 1/4 पानी के लिए खाली रखना हैं। ओर     खाने के साथ पानी नही पीना हैं। 30 मिनट बाद पानी पीये। ओर दिन मे 12-20 गिलास       पानी  पीना हैं।
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शनिवार, 17 सितंबर 2016

पेप्सी और कोका कोला

राजीव दीक्षित जी कि कलम से ! पेप्सी और कोका कोला

भारत मे जो सबसे ज्यादा विदेशी कंपनिया काम कर रही हैं वो अमेरिका से आई है ! उनमे से एक नाम है pepsi cola दूसरी का नाम है cocacola ! जिसको हम coke pepsi भी कह देते है !, भारत मे बिकने वाले सॉफ्ट ड्रिंक क्षेत्र में अमेरिका की दो कंपनियों का एकाधिकार है,!
1990-91 में दोनों कंपनियों का संयुक्त रूप से जो विदेशी पूंजी निवेश था भारत में, उसे सुन कर आश्चर्य करेंगे आप, दोनों ने मिलकर लगभग 10 करोड़ की पूंजी लगाई थी भारत में, कुल जमा 10 करोड़ रुपया (डौलर नहीं) | अर्थशास्त्र की भाषा में इसको Initial Paid-up Capital कहते हैं | मतलब शुरुवाती पूंजी ! वो केवल 10 करोड़ कि है !
इन दोनों कंपनियों के कुल मिलाकर 64 कारखाने हैं पुरे भारत में ! और मैं जब उन कारखानों में घुमा और इनके अधिकारियों से बात कर के जानकारी लेने की कोशिश की !, क्योंकि इनके वेबसाइट पर इनके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, इन कंपनियों ने भारत के शेयर बाजार में भी अपनी लिस्टिंग नहीं कराई है, इनका रजिस्ट्रेशन नहीं है हमारे यहाँ के शेयर मार्केट में | बॉम्बे स्टोक एक्सचेंज (BSE) या NSE में जिन कंपनियों की लिस्टिंग नहीं होती उनके बारे में पता करना या उनके आंकड़े मिलना एकदम असंभव होता है | listing होती तो SEBI (security exchange board of INDIA) से सारी जानकारी मिल जाती

इन कंपनियों के एक बोतल पेय की लागत मात्र 70 पैसे होती है, आप कहेंगे कि मुझे कैसे मालूम ? भारत सरकार का एक विभाग है जिसका नाम है BICP, ब्यूरो ऑफ़ इंडस्ट्रियल कास्ट एंड प्राईसेस, यही वो विभाग है जिसे भारत में उत्पन्न होने वाले हर औद्योगिक उत्पादन की लागत पता होती है, वहीं से मुझे ये जानकारी मिली थी | आप हैरान हो जायेंगे ये जानकर कि 70 पैसे का जो ये लागत है इनका वो एक्साइज ड्यूटी देने के बाद की है, यानि एक्स-फैक्ट्री कीमत है ये | अगर एक बोतल 10 रुपया में बिक रहा है तो लगभग 1500% का लाभ ये कंपनी एक बोतल पर कमा रही है 1500%!

और जब पेप्सी और कोका कोला के 64 कारखानों में होने वाले एक वर्ष के कुल उत्पादन के बारे में पता किया तो पता चला कि ये दोनों कंपनियाँ एक वर्ष में 700 करोड़ बोतल तैयार कर के भारत के बाजार में बेंच देती हैं | और कम से कम 10 रूपये में एक बोतल वो बेचती हैं तो आप जोडिये कि हमारे देश का 7000 करोड़ रुपया लूटकर वो भारत से ले जाती हैं | और इस 7000 करोड़ रूपये की लुट होती है
एक ऐसे पानी को बेच कर जिसमे जहर ही जहर है, एक पैसे की न्यूट्रीशनल वैल्यू नहीं है इसमे |

भारत के कई वैज्ञानिकों ने पेप्सी और कोका कोला पर रिसर्च करके बताया कि इसमें मिलाते क्या हैं। यदि पेप्सी और कोका कोला वालों से पूछिये तो वो बताते नहीं हैं, कहते हैं कि ये फॉर्मूला टॉप सेक्रेट है, ये बताया नहीं जा सकता, लेकिन आज के युग में कोई भी सेक्रेट को सेक्रेट बना के नहीं रखा जा सकता, तो उन्होंने अध्ययन कर के बताया कि इसमें मिलाते क्या हैं, तो वैज्ञानिको का कहना है इसमे कुल 21 तरह के जहरीले कैमिकल मिलाये जाते हैं।

कुछ नाम बताता हूँ। इसमें पहला जहर जो मिला होता है - सोडियम मोनो ग्लूटामेट, और वैज्ञानिक कहते हैं कि ये कैंसर करने वाला रसायन है। फिर दूसरा जहर है - पोटैसियम सोरबेट - ये भी कैंसर करने वाला है। तीसरा जहर है - ब्रोमिनेटेड वेजिटेबल ऑइल (BVO) - ये भी कैंसर करता है। चोथा जहर है - मिथाइल बेन्जीन - ये किडनी को खराब करता है। पाँचवा जहर है - सोडियम बेन्जोईट - ये मूत्र नली का, लीवर का कैंसर करता है। फिर इसमें सबसे खराब जहर है एंडोसल्फान - ये कीड़े मारने के लिये खेतों में डाला जाता है। ऐसे करते करते इस में कुल 21 तरह के जहर मिलये जाते हैं।

ये 21 तरह के जहर तो एक तरफ है और हमारे देश के पढ़े लिखे लोगो के दिमाग का हाल देखिये - बचपन से उन्हे किताबों मे पढ़ाया जाता है। कि मनुष्य को प्राण वायु आक्सीजन अंदर लेनी चाहिऐ और कार्बन डाईऑक्साइड बाहर निकलनी चाहिये ये जानने के बावजूद भी गट गट कर उसे पी रहे हैं। और पीते ही एक दम नाक मे जलन होती और वो सीधा दिमाग तक जाती है। और फिर दूसरा घूट भरते है गट गट गट......

और हमारा दिमाग इतना गुलाम हो गया है ! आज हम किसी बिना Coke, Pepsi के जहर के किसी भी शादी विवाह पार्टी के बारे मे सोचते भी नही। कार्बन डाईऑक्साइड - जो कि बहुत जहरीली गैस है और जिसको कभी भी शरीर के अन्दर नहीं ले जाना चाहिये। और इसीलिये इन कोल्ड ड्रिंक्स को (कार्बोनेटेड वाटर) कहा जाता है। और इन्ही जहरों से भरे पेय का प्रचार भारत के क्रिकेटर और अभिनेता, अभिनेत्री करते हैं पैसे के लालच में, उन्हें देश और देशवाशियों से प्यार होता तो। ऐसा कभी नहीं करते। पहले अमीर खान ये जहर बिकवाता था अब उसका भांजा बिकवाता है। अमिताभ बच्चन, शरूखान, रितिक रोशन लगभग सबने इस कंपनी का जहर भारत मे बिकवाया है। क्यूंकि इनके लिये देश से बड़ा पैसा है।

पूरी क्रिकेट टीम इस दोनों कंपनियो ने खरीद रखी है। और हमारी क्रिकेट टीम की कप्तान धोनी जब नये नये आये थे। तब मीडिया मे ऐसी खबरे आती थी, रोज 2 लीटर दूध पीते हैं धोनी। ये दूध पीकर धोनी बनने वाला धोनी आज पूरे भारत को पेप्सी का जहर बेच रहा है, और एक बात ध्यान दे जब भी क्रिकेट मैच की दौरान water break होती है तब इनमे से कोई खिलाड़ी pepsi coke क्यूँ नहीं पीता ????? क्यूँ कि ये सब जानते है ये जहर है। इन्हे बस ये देश वासियो को पिलाना है।

ज्यादातर लोगों से पूछिये कि आप ये सब क्यों पीते हैं ? तो कहते हैं कि ये बहुत अच्छी क्वालिटी का है अब पूछिये कि अच्छी क्वालिटी का क्यों है तो कहते हैं कि अमेरिका का है और ये उत्तर पढ़े-लिखे लोगों के होते हैं।

तो ऐसे लोगों को ये जानकारी दे दूँ कि अमेरिका की एक संस्था है FDA (Food and Drug Administration)  और भारत में भी  ऐसी ही एक संस्था है, उन दोनों के दस्तावेजों के आधार पर मैं बता रहा हूँ कि, अमेरिका में जो पेप्सी और कोका कोला बिकता है और भारत में जो पेप्सी-कोक बिक रहा है, तो भारत में बिकने वाला पेप्सी-कोक, अमेरिका में बिकने वाले पेप्सी-कोक से 40 गुना ज्यादा जहरीला होता है, सुना आपने ? 40 गुना, मैं प्रतिशत की बात नहीं कर रहा हूँ। और हमारे शरीर की एक क्षमता होती है जहर को बाहर निकालने की, और उस क्षमता से 400 गुना ज्यादा जहरीला है, भारत में बिकने वाला पेप्सी और कोक तो सोचिये। बेचारी आपकी किडनी का क्या हाल होता होगा। जहर को बाहर निकालने के लिये, ये है पेप्सी-कोक की क्वालिटी, और वैज्ञानिकों का कहना है कि जो ये पेप्सी-कोक पियेगा उनको कैंसर, डाईबिटिज, ओस्टियोपोरोसिस, ओस्टोपिनिया, मोटापा, दाँत गलने जैसी 48 बीमारियाँ होगी।

पेप्सी-कोक के बारे में आपको एक और जानकारी देता हूँ - स्वामी रामदेव जी इसे टॉयलेट क्लीनर कहते हैं, आपने सुना होगा (ठंडा मतलब टाइलेट कालीनर ) तो वो कोई इसको मजाक में नहीं कहते या उपहास में नहीं कहते हैं, देश के पढ़े लिखे मूर्ख लोग समझते है कि ये बात किसी ने ऐसे ही बना दी है। इसके पीछे तथ्य है, ध्यान से पढ़े। इसके पीछे तथ्य है, ध्यान से पढ़ेतथ्य ये कि टॉयलेट क्लीनर harpic और पेप्सी-कोक की Ph value एक ही हैमैं आपको सरल भाषा में समझाने का प्रयास करता हूँ।  Ph एक इकाई होती है जो acid की मात्रा बताने का काम करती हैऔर उसे मापने के लिए Ph मीटर होता है शुद्ध पानी का Ph सामान्यतः 7 होता है ! और (7 Ph) को सारी दुनिया में सामान्य माना जाता है, और जब पानी में आप हाईड्रोक्लोरिक एसिड या सल्फ्यूरिक एसिड या फिर नाइट्रिक एसिड या कोई भी एसिड मिलायेंगे तो Ph का वैल्यू 6 हो जायेगा, और ज्यादा एसिड मिलायेंगे तो ये मात्रा 5 हो जाएगी, और ज्यादा मिलायेंगे तो ये मात्रा 4 हो जाएगी, ऐसे ही करते-करते जितना acid आप मिलाते जाएंगे ये मात्रा कम होती जाती है | जब पेप्सी-कोक के एसिड का जाँच किया गया तो पता चला कि वो 2.4 है और जो टॉयलेट क्लीनर होता है उसका Ph और पेप्सी-कोक का Ph एक ही है, 2.4 का मतलब इतना ख़राब जहर कि आप टॉयलेट में डालेंगे तो ये झकाझक सफ़ेद हो जायेगा | इस्तेमाल कर के देखिएगा |
और हम लोगो का हाल ये है ! घर मे मेहमान को आती ये जहर उसके आगे करते है !

दोस्तो हमारी महान भारतीय संस्कृति मे कहा गया है ! अतिथि देवो भव ! मेहमान
भगवान का रूप है ! और आप उसे टॉइलेट साफ पीला रहे हैं !!

अंत मे राजीव भाई कहते हैं ! कि देश का युवा वर्ग सबसे ज्यादा इस जहर को पीता है। और नपुंसकता कि बीमारी सबसे ज्यादा ये जहर पीकर हो रही है ! और कहीं न कहीं मुझे लगता है ! ये pepsi, coke पूरे देश व पूरी जवान पीढ़ी को खत्म कर देगा ! इस लिये हम सबको मिलकर स्कूलों कालेजो मे जा जा कर बच्चो को समझना चाहिये ! राजीव भाई जा कहना है ! आप बस स्कूल कालेजो मे जाते ही उनके सामने इस pepsi,coke से वहाँ का टाइलेट साफ कर के दिखा दी जीये ! एक मिनट में ही वो मान जा।येगे !

और बच्चे अगर मान गये तो उनके घर वाले खुद पर खुद मान जा।येगे ! वो एक कहावत हैं न son is a father of father  ! बच्चा बाप का बाप होता है ! तो बच्चो को समझाये ! बच्चे ये जहर छोड़े बड़े छोड़े और इस दोनों अमेरीकन कंपनियो को अपने देश भगाये ! जैसे हमने east india company को भगाया था !!


वन्देमातरम !!!!!!!!!!

शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

असाध्य रोंगों का उपचार

असाध्य रोंगों का उपचार









मुंहासों व मुंहासों के दाग धब्बों के लिए घरेलू उपचार

मुंहासों व मुंहासों के दाग धब्बों के लिए घरेलू उपचार

क्या चेहरे के दाग धब्बे, मुँहासे के निशान और त्वचा का रंग भी, मुहासे होने का कारण आपको शर्मिंदा कर रहा है, क्या आप सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग करते करते तक गए है।
चेहरा कितना भी खूबसूरत क्‍यों ना हो अगर उसपर एक छोटा सा भी मुहांसा हो जाए तो वह पूरे चेहरे की सुंदरता को तार तार कर देता है। फिर आप जितना भी मेकप लगाकर उसे छुपाने की कोशिश करें वह बेकार ही जाता है। इसके लिए जरुरी है कि आप अपने खाने-पीने पर व त्‍वचा की साफ सफाई पर पूरा ध्‍यान दें।
युवावस्था में हार्मोन्स में परिवर्तन और असंतुलन के कारण मुंहासें आना कोई असामान्य बात नही है। युवावस्था में हम अपनी त्वचा की देखभाल अच्छी तरह से नही कर पाते, विशेषकर तब जब हमें मुहांसे आते हैं। इसके कारण मुहांसों के दाग पड़ जाते हैं। खूबसूरत त्‍वचा हर कोई चाहता है मगर उसे मेंटेन करना थोड़ा मुश्‍किल होता है। कहीं बाहर आने से पहले आपको अपने चेहरे को धोना चाहिये लेकिन बहुत सी लड़कियां ऐसा नहीं करती। इसके अलावा अगर आप प्रतिदिन मेकअप लगाती हैं तो रात को सोने से पहले मेकअप जरुर उतार लें, नहीं तो मुंहासे और भी ज्‍यादा फैल जाएंगे।
काले दाग (black spots) धब्बे होने के कई कारण है जिनमे से मुख्य कारण कील, मुहासे, काले सिरे (ब्लैक हेड्स), फुडिया होते है। मुहासे से छुटकारा, सूरज की तेज किरण के कारण चेहरे के गड्ढे, दाग धब्बे ओर भी बढ़ जाते है जो चेहरे के सावले होने का कारण बनती है। इसके लिए आप जब भी बाहर जाए तो सन क्रीम लगा कर जाए और नीचे कुछ विधिया दी गई है मुहांसे के कारण जो दाग धब्बे से निजात दिलाने मे आपकी मदद करेगे। पिम्पल्स का इलाज के लिए रसायनिक पदार्थ का उपयोग करने से बेहतर होगा की आप प्राकृतिक उत्पादो का उपयोग करे। घरेलू उत्पाद बहुत सस्ते होते है और इनका कोई बुरा असर भी नही पड़ता। चेहरे पर दाने के उपाय, त्वचा की देखरेख करना वो भी सुंदरता के साथ यह बहुत ज़रूरी है। कुछ घरेलू उपचार की सूची नीचे दी गई है जो काले दाग (black spots) धब्बे, मुँहासे के निशान से दूर रहने मे आपकी मदद करेगे। तो इन्‍हें आजमाइये और पाइये दमकता हुआ सुंदर चेहरा।

कील मुहांसे का कारण

सौदर्य विशेषज्ञ डॉ गणेश नारायण चौहान के अनुसार, ''मुहांसे त्‍वचा की सूजन की वह स्थिति है, जहां त्‍वचा को नम रखने वाली ग्रंथि (सिबेशस ग्‍लैंड) जरूरत से ज्‍यादा तेल का निर्माण करती है। इस प्रक्रिया के दौरान त्‍वचा की निर्जीव कोशिकाएं व जीवाणु (बैक्‍टीरिया) हेयर फॉलीकल (बालों की जड़ों) के अंदर फंस जाते हैं व रोम छिद्रों को बंद कर देते हैं। परिणामस्‍वरूप फॉलीकल सूजने लगता है। इसके साथ साथ त्‍वचा का साधारण तैलीय उत्‍पादन भी चलता रहता है, जिसके कारण फॉलीकल पस से भर जाता है और यही त्‍वचा के ऊपर मुंहासे के रूप में उत्‍पन्‍न होता है।"
"किशोरावस्‍था में हार्मोन की निरंतर अस्थिर रहता है। हार्मोन के इसी अस्थिरता के कारण मुहांसों की दशा और अधिक बिगड़ जाती है। लड़कियों के शरीर का निर्माण प्रकृति ने कुछ इस तरह किया है कि उनमें हार्मोन की अस्थिरता ज्‍यादा रहती है इसलिए किशोरावस्‍था में प्रवेश करते ही उनके चेहरे पर दाने हमें अधिक दिखते हैं।''
अक्सर किशोरावस्था में चेहरे, ठुड्डी या नाक पर होने वाले मुहांसे होते ही उन्हें फोड़ने की आदत पर हम गौर ही नहीं करते हैं लेकिन डॉक्टरों की मानें तो इनका एक बड़ा खतरा दिमाग पर संक्रमण के तौर पर भी हो सकता है।

कील मुहांसे में सावधानी (acnes treatment)
कील मुहांसे में विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है। इसके लिए निम्‍नलिखित सावधानियां अपनाई जा सकती हैं-
* चेहरे की सफाई सही ढंग से नहीं होने के कारण पस बनते रहते हैं। चेहरे की सफाई सही ढंग से करें।
* मुहांसे को हाथ से फोड़ने से निशान बन जाते हैं, इसलिए इसे कभी नहीं फोड़ना चाहिए।
* कब्‍ज न हो इसका ख्‍याल रखें। पेट की सफाई बेहद जरूरी है। इसके लिये हमारा सुपर स्टार सरल विरेचन चूर्ण ले।
* अधिक मात्रा में चाय व कॉफी न पीएं। चाय व कॉफ़ी की जगह हमारा सुपर स्टार एनर्जी ड्रिंक ले।
* मिर्च-मसाले वाले खाने से परहेज करें।
* शराब और तंबाकू उत्‍पादों का प्रयोग हरगिज न करें।
* अनियमित खानपान, अनियमित सोना जगना बिल्‍कुल छोड़ दें।
* स्‍टार्च, प्रोटीन व वसा वाले भोजन से बचें।
* बाहर का खाना न खाएं।
* सिर में डैंड्रफ न होने दें। सिर में रूसी या डैंड्रफ से भी मुहांसे होते हैं।
* खाने में फलों व हरी सब्जियों का सेवन खूब करें।
* भरपूर पानी पीएं और भरपूर नींद लें।
* अपनी सोच सकारात्‍मक रखें।

परहेज-:
1- दूध, दही, पनीर, घी, मक्खन व कोई भी डेयरी उत्पाद।
2- कोई भी तेल, घी, रिफाइन्ड के बने हुऐ आहार।
3- कोई भी विस्कुट, साँस, जैम, ब्रेड व डिब्बा बन्द भोजन।
4- मीट, मछली, अँडा सहित कोई भी जन्तु व जानवर उत्पाद।
5- सभी प्रकार के फूड सप्लीमेन्ट, पाउडर, केप्सूल, टैबलेट, डिब्बा बन्द आहार।
6- फास्ट फूड, जंक फूड, चाईनिज फूड, बेकरी फूड, आदि बन्द करने हैं।
7- सभी मधपेय (शराब, रम, बियर, विस्की, कोल्डडिंक, डिब्बे वाले जूस ।
8- चीनी से बने सभी उत्पाद।
 
 उपचार-:
1.  मुहांसो से छुटाकारा पाने के लिए इंहे कभी भी ना फोड़े वरना इसका सीरम निकल कर पूरे चेहरे पर मुहांसे फैला देगा। मुहासों को तौलिए से ना रगड़े, ऐसे करने से आपके पूरे चेहरे पर मुहासे फैल सकते हैं। बेहतर होगा कि इसको अपने आप ही खत्‍म होने दें।
2.  चंदन का मास्क-: चंदन का पाउडर व गुलाब जल दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह मिलकर पेस्ट बनाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। चंदन का पाऊडर पिंपल भगाने में बहुत लाभकारी होता है। यह न सिर्फ आपके चेहरे को फ्रेश करेगा बल्कि पिंपल को दुबारा लौटने से भी रोकेगा। चंदन के पेस्ट को पिंपल पर 2-3 घंटो के लिए लगा रहने दें और चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें।
3.  चंदन पाऊडर, मुल्‍तानी मिट्टी और गुलाब जल को अच्छी तरह मिलकर पेस्ट बनाएं और इसे अपने चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगा रहने दे, बाद में चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें। यह रातभर में या केवल 2-3 दिनों में ही आपके चेहरे से पिंपल को गायब कर देगा।
4.  टूथपेस्‍ट तो हम दांत साफ करने के लिए प्रयोग करते हैं, पर इसके इस्‍तमाल से आप अपने चेहरे के पिंपल को भी साफ कर सकते हैं। अगर रात में सोने से पहले इसको अपने चेहरे के मुहांसे पर लगा रहने देगें तो यह उन मुहासों को ठंडा कर के सुखा देगा।
5.  नीबू का रस (Lemon juice) -: कील मुंहासे का इलाज, नीबू मे स्तम्मक (अस्ट्रिंजेंट), विटामिन सी होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकल देता है तो जब भी आप दाग धब्बे का इलाज करे तो नीबू का इस्तेमाल करे। नीबू का रस निकल कर कॉटन की सहयता से दाग पर लगाए। या आधे नींबू को काटकर चेहरे पर 5-10 मिनट रगड़ें, 10-15 मिनट के लिए लगा रहने दे, बाद में चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें। अच्छे परिणाम के लिए हर दूसरे दिन इस विधि का उपयोग करे।
6.  टमाटर (Tomato)-: पिम्पल्स का इलाज के लिए एक मध्यम आकार का टमाटर ले, उसका रस निकले और उसमे एक चम्मच नीबू का रस मिलाए। फिर पूरे चेहरे मे लगाए और 20 मिनिट के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो ले। या एक टमाटर काटें तथा इसे अपने चेहरे पर रगड़ें। इसे कुछ देर लगा रहने दें तथा बाद में धो डालें।
7.  एलोविरा (रस)-: एलोविरा पौधे का रस मुंहासों के दाग ठीक करने के लिए बहुत उपयोगी है तथा साथ ही साथ जब मुंहासें आते हैं तब भी यह बहुत उपयोगी है। व मुंहासों के दागों को मिटाने के लिए चेहरे पर प्रतिदिन इसका जूस लगाएं। एलोवेरा का रस निकाले और 5 मिनिट तक बाहर रखे, फिर उसमे नीबू के रस की कुछ बूंदे मिलाए और चेहरे पर लगाए और 15 मिनिट के बाद धो दे। चेहरे के गड्ढे होने पर आपको इसके बेहतर परिणाम मिलेगे।
8.  दूध (milk)-: दूध चेहरे की रंगत बढ़ाता है, दूध मे लॅकटिक अम्ल होता है जो त्वचा को कोमल और सुंदर बनाता है। इसके लिए कच्चे दूध का उपयोग करे। दूध मे रूई भिगोकर पूरे चेहरे पर लगाए फिर 15 मिनिट के बाद गर्म पानी से धो ले, रोज सुबह इस विधि का उपयोग करे।
9.  प्याज (Onions)-: चेहरे के काले दाग धब्बे प्याज के रस से दूर हो जाते है, प्याज मे क्रत्रिम प्रतिरोधक गुण होते है जो की मुहसो के दाग धब्बे दूर करने मे आपकी मदद करते हैं। तो शांतीपूवर्क इस विधि का उपयोग करे। प्याज ले और उसका रस निकल कर चेहरे के संक्रमित स्थान पर लगाए और कुछ मिनिट तक रहने दे फिर साधारण पानी से धो दे।
10. चुटकी भर हल्दी पाउडर ले, उसमे कुछ बूंदे नींबू के रस की मिलाए फिर दाग पर या पूरे चेहरे पर लगाए। कुछ ही हफ़्तो के अंदर दाग दूर हो जाएगे और त्वचा चमकने लगेगी।
11. आलू विधि-: एक आलू को कद्दूकस कर लें और इससे पेस्ट बनाएं। पिसे हुए पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं और इसे सूखने के लिए छोड़ दें। कुछ देर बाद पानी से धो डालें। या एक आलू ले और उसे कद्दूकस कर ले ओर पेस्ट बनाये और उसमे सही मात्रा मे शहद मिलाए फिर चेहरे पर लगाए और 15 मिनिट के बाद धो दे। या आलू के टुकड़े को भी आप चेहरे पर रगड़ सकते है जो की काले धब्बे दूर कर देगे।
12. एक चम्मच प्याज का रस, एक चम्मच अदरक का रस, आधा चम्मच सिरका इन तीनो को मिला ले और दाग पर लगा कर कुछ मिनिट तक मालिश करे फिर 20 मिनिट के बाद ठंडा पानी ले कर धो ले। यह बहुत सरल और उपयोगी है। प्याज मे गंधक (सल्फर), विटामिन और अदरक मे आलीसिन नामक पदार्थ होता है जो त्वचा को कोमल बनाती है और त्वचा से कीटाणु को निकाल देती है।
13. एक खीरा ले उसे कद्दूकस करके पेस्ट बनाकर उसमे थोड़ा दूध, कुछ बूंदे नीबू की मिलाए और चेहरे पर लगाए। यह बहुत ही सरल और उपयोगी विधि है।
14. पपीता मे एंज़ाइम होते है जो की चेहरे के दाग कम करते है। इसके लिए पके पपीते का उपयोग करे, पपीते का गुदा निकाल कर 15 मिनिट तक चेहरे पर लगा कर रखे फिर ठंडा पानी से धो दे।
15. छाछ मे लॅकटिक एसिड होता है जो की अल्फा हाइड्रॉक्सिल एसिड की तरह काम करता है। यह एक प्रकार का प्रकतिक एसिड है जो चेहरे की मृत त्वचा, धूल और तेल को निकालता है। एक कटोरी मे छाछ ले और रूई की मदद से दाग पर लगाए और अगर मुमकिन है तो आधी मात्रा मे नीबू का रस भी मिला कर मास्क की तरह भी उपयोग सकते है।
16. विटामिन ई तेल-: यह एक बेहतर एंटीऑक्सीडेंट है जो की चेहरे के गड्ढे, घाव भरने मे सहयता करता है। विटामिन ई तेल मे केवड़ा का तेल (केस्टर आयिल) मिलाए और दाग पर लगाए और परिणाम देखे।
17. जई(ओट्स)-: जई सिर्फ़ सर्वोत्तम आहार के रूप मे ही नही बल्कि औषधि के रूप मे भी उपयोग होता है जो की चेहरे के दाग, धब्बे , मुहासे ठीक करता है। मुहासे की दवा, काले दाग (black spot), धब्बे और मुहासे के निशान से छुटकारा पाने के लिए चेहरे पर ज़ई के आटे का मुखौटा (मास्क) लगाए। ज़ई के आटे मे नीबू का रस मिलाए और गाढ़ा घोल बना कर मास्क की तरह चेहरे पर लगाए और कुछ देर तक मले फिर गर्म पानी से धो ले। तुरंत आराम के लिए इस विधि का उपयोग हफ्ते मे दो बार करे।
18. पानी-: अधिक मात्रा मे पानी पीने से भी दाग, धब्बे, मुहासे ठीक होते है। रोजाना 16 से 20 गिलास तक पानी पीए जो की शरीर से विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) को निकाल कर त्वचा मे नमी बनाए रखता है और दाग को हल्का करता है।
19. केसर के कुछ दानों को 2 चम्मच दूध में रातभर भिगोकर रख दें। इस पात्र को फ्रिज (fridge) में रखें, जिससे कि ये खराब ना हो जाए। सुबह केसर के दानों को दूध में मसल लें और इसका प्रयोग चेहरे पर करें। खासकर काले धब्बों और एक्ने (acne) के निशानों पर इसे लगाएं। इसे पूरी तरह सूखने दें और फिर सादे पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग रोजाना करने से आपको 1 हफ्ते में फर्क दिखने लगेगा।
20. लाल मसूर की दाल और दूध-: दाग धब्बों को दूर करने के लिए लाल मसूर की दाल और दूध का भी पैक बनाया जा सकता है। 1 चम्मच साफ़ और धुली लाल मसूर की दाल को कच्चे दूध में भिगोकर रखें। सुबह इसे दूध के साथ पीसकर एक दानेदार पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर हलके हाथों से रगडें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और इसके बाद कुछ देर तक दोबारा अपने चेहरे को रगड़कर इसे गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में इसका 2 बार प्रयोग करने पर आपको 15 दिनों में फर्क दिखने लगेगा।
21. दही और शहद-: दही में ऐसे एंजाइम (enzymes) होते हैं जो किसी भी दाग धब्बे को दूर कर सकते हैं, और शहद प्राकृतिक रूप से आपकी रंगत को निखारता है। 1 चम्मच दही को 2 चम्मच शहद के साथ मिश्रित करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और काले धब्बों पर खासकर ध्यान केन्द्रित करें। इस पैक को 20 मिनट तक अपने चेहरे पर रहने दें और फिर इसे हाथों से रगड़कर पानी से साफ़ कर लें। अच्छे परिणामों के लिए इस उपचार का प्रयोग रोजाना करें।
22. कैस्टर ऑइल-: कैस्टर ऑइल में त्वचा की मरम्मत के गुण होते हैं और यह काले धब्बे दूर करने में आपकी काफी सहायता करता है। प्रभावित भाग को अच्छे से साफ कर लें तथा इसके बाद अपनी त्वचा पर कैस्टर ऑइल से 5 मिनट तक मालिश करें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और एक गीले कपड़े से इसे पोंछ लेने से पहले चेहरे पर 5 मिनट तक दोबारा मालिश करें। अंत में इसे पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग दिन में 2 बार करके एक महीने में अच्छे परिणाम प्राप्त करें।
23. सहजन-: सहजन आपके चेहरे से काले धब्बे और अन्य दाग दूर करने में काफी प्रभावशाली साबित होता है। सहजन लेकर इसे कस लें और इससे एक महीन पेस्ट तैयार कर लें तथा अपने चेहरे के प्रभावित भागों पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग दिन में कम से कम 2 बार करें और एक महीने में आपको काफी प्रभाव दिखेगा।
24. किसमिस-: किसमिस आंवला परिवार का सदस्य है और यह काले धब्बों पर जमे मेलेनिन (melanin) को हल्का करता है। कुछ किसमिस लें और इन्हें पीसकर 1 चम्मच शहद के साथ मिश्रित करें। इस पैक को अपने चेहरे पर लाएं और काले धब्बों पर ध्यान केन्द्रित करें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़कर पानी से धो लें। अच्छे परिणामों के लिए इस उपचार का प्रयोग रोजाना करें।
25. मुल्तानी मिट्टी में कई प्राकृतिक खनिज होते हैं और इसमें त्वचा का रंग साफ करने के भी गुण होते हैं। मुल्तानी मिट्टी और पानी को मिश्रित करके एक पेस्ट तैयार करें। इसमें नींबू के रस की कुछ बूँदें मिलाएं और अपने चेहरे के दाग धब्बों पर लगाएं। इसे सूखने तक अपने चेहरे पर छोड़ दें। अगर आप अपने पूरे चेहरे पर यह पैक लगा रहे हैं तो इसे पूरी तरह सूखने ना दें। अपने चेहरे को दोनों हाथों से रगड़कर काफी मात्रा में पानी से इसे धो लें।
26. अंगूर और सेब दोनों में ही कई प्रकार के पोषक पदार्थ मौजूद होते हैं। इनकी मदद से आपकी त्वचा में गोरापन आता है। सेब का एक छोटा टुकड़ा लें और इसे पीसकर दो हरे अंगूरों के साथ मिश्रित करें। इनकी त्वचा को ना छीलें। इस पैक को अपनी त्वचा पर लगाएं और दाग धब्बों पर ध्यान केन्द्रित करें। आप इससे अपनी त्वचा की हलके से मालिश कर सकते हैं। इसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। रोजाना इस पैक का प्रयोग करने से आपको 1 महीने में परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे।
27. मुलैठी-: मुलैठी त्वचा से मेलेनिन दूर करने की अपनी खूबी की वजह से जानी जाती है। मुलैठी की जडें किसी भी काले धब्बे को दूर करने में काफी कारगर साबित होती हैं। मुलैठी की जड़ों का एक पेस्ट तैयार करें और इसमें शहद की कुछ बूँदें मिश्रित करें। इस पेस्ट को चेहरे के काले धब्बों पर लगाएं और 15 मिनट रखने के बाद पानी से धो लें। रोजाना इस विधि का प्रयोग करने पर आपको 1 से 2 हफ़्तों में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे।
28. मेथी की पत्तियां विधि-: मेथी की पत्तियों का पेस्ट बनाएं और उसे चेहरे पर मास्क की तरह लगाएं।
सूखने पर 30 मिनिट बाद इसे धो डालें।
29. मेथी दाना विधि-: मेथी दानों को पानी में उबालें और ठंडा होने पर पेस्ट बनाकर मुहांसों के दागों पर लगाएं। तथा चेहरा धोने के लिए मेथी पानी का उपयोग करें। इसे पोछें नही, पानी को अपने आप सूखने दें।
30. ऑलिव ऑइल (जैतून का तेल) प्रभावित भागों पर प्रतिदिन तेल से मालिश करें। इसमें मॉस्चराइजिंग का गुण होता है जो त्वचा को नरम बनाता है और मुंहासों के निशान को कम करता है।
31. मुंहासों के निशानों पर शहद लगाएं। इसे कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें और बाद में धो डालें। शहद के जीवाणुरोधी गुणों के कारण मुहांसों के निशान कम हो जाते हैं।
32. सब्जियां पोषक तत्वों और प्रोटीन्स का बहुत अच्छा स्त्रोत हैं। अत: सप्ताह में कम से कम 3-4 बार सब्जियों का जूस पीयें। इससे आपकी त्वचा की रंगत भी निखरेगी।
33. ग्रीन टी पीने से शरीर के विषारी पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। मुंहासों के धब्बों और निरुत्साही दिखने वाली त्वचा से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन 1-2 कप ग्रीन टी पीयें।
34. प्रतिदिन कम से कम 30 मिनिट व्यायाम करें। प्रतिदिन व्यायाम करने से न सिर्फ वज़न कम होता है बल्कि मुंहासों पर भी नियंत्रण रहता है।
35. यदि आप मुंहासे के बारे में लगातार चिंता करती रहेंगी और इन्हें हाथ लगाती रहेंगी तो यह और अधिक बढ़ेंगे। इसके अलावा दाग धब्बे भी आ जायेंगे और सूजन भी बढ़ेगी। अत: स्थिति को और खराब होने से बचाने के लिए अपने चेहरे को बार बार हाथ न लगाएं।
36. यदि आप मेकअप करती हैं तो जैसे ही आप घर पहुंचें जितना जल्दी हो सके मेकअप निकाल दें। इसके अलावा बहुत लम्बे समय तक एक ही उत्पाद का उपयोग न करें।
37. बेकिंग सोडा-: बेकिंग सोडा को पानी के साथ मिलकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। 20 मिनिट बाद इसे निकाल दें और अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो डालें।
38. सुपर स्टार सरल विरेचन चूर्ण प्रतिदिन रात को सोते समय लेने से मुहासे नहीं होते।
39. सुपर स्टार एनर्जी ड्रिंक पीने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। मुंहासों के धब्बों और निरुत्साही दिखने वाली त्वचा से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन 1-2 कप सुपर स्टार एनर्जी ड्रिंक पीयें।
40. हमारे सुपर स्टार हर्बल ब्यूटी फेस पेक का प्रयोग करे, फेस पेक व दूध को मिलाकर पेस्ट बनाये इसे चेहरे पर लगाएं। 20 मिनिट बाद इसे रगढ़कर निकाल दें और अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो डालें।

 ध्यान रखने योग्य कुछ बातें-:
चन्दन, मुलैठी और हल्दी जैसे घरेलू नुस्खे त्वचा के पुराने दाग धब्बों के निशानों को भी हल्का करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि काफी अच्छी तरह से इनका इस्तेमाल करने पर भी इस बात की काफी संभावना होती है कि इनका असर काफी महीनों में दिखे।
घरेलू नुस्खों के कार्य करने की क्षमता काफी हद तक आपकी त्वचा के प्रकार और आपकी उम्र पर भी निर्भर करती है। त्वचा की नयी कोशिकाएं पैदा करने की क्षमता उम्र के साथ घटने लगती है और इसी वजह से दाग धब्बों के हल्के होने की प्रक्रिया जवान उम्र के लोगों के मुकाबले बुज़ुर्ग लोगों में काफी धीमी गति से होती है।
घरेलू नुस्खे चेहरे के किसी भी दाग धब्बों के निशानों को हल्का करने की क्षमता रखते हैं। इनका सही और ज़्यादा से ज़्यादा लाभ उठाने के लिए इनका प्रयोग निरंतर रूप से और बताये गए नुस्खे के अनुसार लंबे समय तक करें। इससे आपको बेहतरीन परिणाम मिलेंगे।
घरेलू नुस्खों की सबसे अच्छी बात यह होती है कि इनके कोई साइड इफेक्ट्स (side effects) नहीं होते और ये काफी किफायती भी साबित होते हैं।
दाग और धब्बे हटाने के कुछ नुस्खे जैसे मुलैठी त्वचा की संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं। अतः जब आप दाग धब्बे हटाने के लिए किसी घरेलू नुस्खे का प्रयोग कर रहे हैं तो धूप में बाहर निकलने से पहले सही सनस्क्रीन (sunscreen) का प्रयोग अवश्य करें।